Saturday, June 27, 2009

क्या मै आगे नहीं जा सकता !!




क्या मै जिंदगी के ऐसे मोड़ से आगे नहीं जा सकता जँहा मै बिलकुल अकेला हूँ .जँहा न मुझे कोई जानने वाला हो और न ही पहचानने वाला .और जो जानने वाले हो वो मेरी अवहेलना कर देजंहा मेरे अस्तित्व की रच्छा करना मुस्किल पड़ रहा हो क्या मै जिंदगी के ऐसे मोड़ से आगे नहीं जा सकता ?

मै प्रकाश की खातिर पूरी रात चलूँगा !!


मै प्रकाश की खातिर पूरी रात चलूँगा !!
मै प्रकाश की खातिर पूरी रात चलूँगामुझे नहीं आता है, कोरे स्वप्न सजानामै अपने मन की देखी साकार करूँगा माना हर एक कल्पना सत्य नहीं होती हर अभिलाषा, पूरी हो पाती ही कब है?सभी ओर अवरोध खड़े है भांति भांति के हर पगडंडी मंजिल तक जाती ही कब है?लेकिन मुझे न आता आधे में रुक जाना निकल पड़ा हूँ तो बाधांये पार करूँगा ऋतुएं भी बदलेंगी, अपने अपने क्रम से कभी मेघ गरजेंगे, सरिता इतराएगीधूप कभी अपना शारीर ही झुलसाएगीलौट पुनः दिन बासंती बेला भी आएगी मैंने कब सिखा है पीडा से डर जाना अभिसंघातो से, जीवन श्रृंगार करूँगा मेरा रहा असंभव से आकर्षण गहरा चाँद सितारों पर मेरा मन ललचाता है जाने क्यों, घनघोर तिमिर की छाया में भी मुझको आशा दीप, दूर से दिख जाता है मुझे नहीं आता अधियारे से घबराना मै प्रकाश की खातिर पूरी रात चलूँगा

आई लव यू पापा !


पापा मै जब भी गिरा , जब भी जीवन से हाराआपको हर पल अपने बहुत करीब पायामै जब भी अँधेरों से घबराया आपकी थपकी से ही रोशनी पाया .पापा आपकी शिच्छाओ मेंजीवन का दर्शन है , आप कहते है -"जो तोको काँटा बुए , ताहि बोउ तो फूलताको फूल के फूल है वाको है त्रिशूल ".पापा आपकी बातों मेंमंदिर की घंटियों का संगीत है .आपकी डांट में , दुखों से बचाव का इशारा है .आपके स्नेह में ,प्राणों को पुनर्जीवित करने की अद्वितीय शक्ति है .आपके दुलार में सारे जहाँ की खुशिया है .आपकी बिपरीत परिस्थितियों मेंसहज बने रहकर इश्वर में विश्वासऔर खुद पर भरोसा रख करदुखों को पार करने की सहज प्रब्रितप्राणों में उर्जा भारती है .आप का प्यार हैजैसे सूरज की रोशनी , जैसे ये नीला आकाशजैसे नदिया का जल , जैस ये चाँद सितारआपके हाँथ जब भी उठे प्रार्थना के लिएहमारे लिए उठे .हमने आपकी पावन छाया में हमेशासुरछित महसूस किया हैआपने बचपन से ही वो बातें बताईजो हमें जाननी चाहिएजो आपने शिखाया और कोई नहीं बता सकता थाइश्वर में आस्था, सच्चाई में भरोसा , आशाविश्वाश , दुषरों की भलाई करना .पापा सब कुछ , तुम मेरे होतुम बिन मै कुछ भी नहींमेरी सांसे , मेरी धड़कनमेरे प्राणों का एक एक कण तुम हो.पापा हमें आपको पिता कहने पर गर्व होता हैआपने हमें जीवन ही नहीं दिया हैजीवन जीने की दृष्टि और विश्वाश दिया हैएक स्वपन , एक ख्वाब दिया हैएक दीपक दिया है जिसे हमें आगे भी जलाये रखना है .पापा, काश : मै आपके चरणों की धुल भी बन पायातो मै सोचूंगा की मेरा जीवन सफल रहा .

भारतीय युवा अपने को स्वस्थ रह कर ही देश, समाज और परिवार की सेवा कर सकते है ..


भारतीय युवा गैजिट का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं हैं, लेकिन इनका ज्याद ाइस्तेमाल सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि इससे मानसिक रोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। हॉस्पिटल में पेशंट की संख्या बढ़ रही ही। मोबाइल फोन, आईपॉड, आई फोन, लैपटॉप, कैमकॉर्डर, डीवीडी, पीसी, डिजिटल डायरी, इलेक्ट्रॉनिक हेयर ड्रेसर, मसाजर, विडियो गेम, वॉक मैन के अलावा और भी कई सारे इलेक्ट्रॉनिक आइटम का यूज युवाओं में बढ़ रहा है। बहुत से युवाओ का आधे से ज्यादा वक्त फोन और इंटरनेट सफिर्ंग पर गुजरता है।मनोचिकित्सक और डाक्टर्स का कहना ही की कंप्यूटर की-बोर्ड और फोन से लगातार मेसेज करने से कई तरह की ऑथोर्पेडिक प्रॉब्लम हो सकती है। वहीं बैटरी से चलने वाले फोन ज्यादा चार्ज होने पर ओवर हीट प्रोड्यूस करते हैं, जिससे एक्सप्लोजन भी हो सकता है।आप जब भी ऑफिस से आए या इस तरह के उपकरण का उपयोग करने के बाद प्राणायाम अवश्य करे , यदि संभव हो तो स्नान कर ले , नही तो हाँथ पैर अवश्य धुलें . यदि आप कंप्यूटर पर काम कर रहे ही तो , हर एक घंटे पर अपने बैठने की पोसिशन और हाँथ की पोसिशन बदलते रहे . इस तरह आप शारीरिक और मानशिक परेशानी से बच सकते है