
क्या मै जिंदगी के ऐसे मोड़ से आगे नहीं जा सकता जँहा मै बिलकुल अकेला हूँ .जँहा न मुझे कोई जानने वाला हो और न ही पहचानने वाला .और जो जानने वाले हो वो मेरी अवहेलना कर देजंहा मेरे अस्तित्व की रच्छा करना मुस्किल पड़ रहा हो क्या मै जिंदगी के ऐसे मोड़ से आगे नहीं जा सकता ?
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