
मैंने तुम्हे आत्मा की उन गहराइयोंसे प्यार किया है जहाँ मेरा मै खो जाता हैदुनिया का कोई भी ऐश्वर्य उसे छू नही पाता हैअलौकिक आनन्द का झरना मेरे ह्रदय में फूट पड़ता है ।तुम्हे इतनी गहराइयों से चाहा कीमेरा अहंकार न जाने कहा खो जाता हैसच कहूं मेरी आत्मा मुक्त हो जाती हैजैसे दुनिया कही खो जाती है ।तुझे प्यार कर के मेरी आंखों से आँशू छलक जाते हैमेरी दुनिया रंगीन हो जाती हैमेरा मन उमंग से नाच उठता हैसैकड़ों जूगनू जैसे मेरे आँगन में नृत्य करने लगते हैऐसा लगता है जैसे बसंत आ जाएजैसे अचानक हजारों फूल खिल जाएमेरा ह्रदय तुम्हारी खुशबू से खिल उठता हैमेरा जीवन आनन्द के फूलों से महक उठता हैमेरा जीवन एक उत्सव बन जाता है , गीत बन जाता हैमेरी आँखें झील बन जाती है और पलकें भीग जाती है
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