Wednesday, August 19, 2009

मै कैसे भूलूंगा


तू यदि भूल गयी तो भूलेमै कैसे भूलूंगातेरी याद का मधुर गीतअब जीवन भर गाऊंगा .अब भी याद मुझे है सब कुछ तेरा वो शरमानामुझे बुलाना , मुझे मनाना मुझको पास बिठाना ।क्या तू भूल गयी वो सब कुछ तू कैसे भूलेगी तू यदि भूल गयी तो भूले मै कैसे भूलूंगा , मै कैसे भूलूंगा ।जीवन में यदि दर्द नहीं था दर्द तुम्ही से पाया जीवन में यदि नृत्य नहीं था नृत्य तुम्ही से पाया जीवन में यदि गीत नहीं था गीत तुम्ही से पाया जीवन में यदि ख्वाब नहीं था ख्वाब तुम्ही से पाया जीवन में यदि प्यार नहीं था प्यार तुम्ही से पाया तू यदि भूल गयी तो भूले मै कैसे भूलूंगा , मै कैसे भूलूंगा ।तेरे प्यार की मधुर स्मृतियाँ मेरा तो यही है जीवन भर का गीत यही है जीवन का संगीत यही है तू यदि भूल गयी तो भूले मै कैसे भूलूंगा मै कैसे भूलूंगा ....

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