Wednesday, August 19, 2009

कभी भी न भूल पाया !


तेरे चेहरे पर खिली लाली ने क्या गजब ढायाजब भी जिधर देखा तेरा चेहरा ही नजर आया ।सुना था लबों से फूल झरते है तुझे देखा तो आज मै ये जजन पाया ।तेरी नजरो से जब भी मिली नजरे मेरी न जाने क्यू मेरे दिल को बहुत करार आया ।मुझे तो सक था की तुझे प्यार है मुझसे जब भी तुने मुझे याद किया मुझको तो याकि आया । तेरी नजरो में मैंने जो अपना पन पाया मै जहा भी गया कभी भी न भूल पाया ।

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