
कई बार मै सोचता हूँकी मै तुमसे कहूं -की माँ मै तुमसे बहुत प्यार करता हूँपर मै तुमसे कभी तो नहीकह पाता हूँ ।और शब्दों से शायद मै कह भी नही पाऊंगा ,शब्दों में सामर्थ्य ही नही हैभावों को व्यक्त कर पाने की ।पर मै जब भी अकेला भावों में डूबा तेरे आशीष , ममता और स्नेह की गर्माहट को महसूस करता हूँ ,तब न जाने कब दो बूँद मोटी पलकों से टपक जाते है और वो ही कर पाते है मेरे भावों को व्यक्त ,और वो कहते है -की "माँ " , मै तुमसे बहुत प्यार करता हूँ ।
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